गणतंत्र दिवस प्रण

गणतंत्र दिवस का शुभ दिन आया है
शहीदों और वीरों की याद लेकर आया है
जीवन न्योछावर किया जिन्होंने राष्ट्र के लिए
उनका एक पैगाम हमारे नाम लेकर आया है ।।

पैगाम है देश को आगे बढ़ाने का
मिलजुल कर भाईचारे को बढ़ाने का
देश को महाशक्ति बनाने का
देश को फिर से विश्वगुरु बनाने का ।।

सभी को भोजन उपलब्ध कराने का
देश से गरीब नहीं गरीबी हटाने का
महामारियों से लोगों को बचाने का
देश के सीमा प्रहरियों के सम्मान का
सीमाओं को और सुरक्षित बनाने का ।।

नारी का सम्मान करने का
अन्नदाता को समृद्ध बनाने का
उद्योगों का विस्तार करने का
तिरंगे का गौरव बढ़ाने का ।।

आओ मिलकर हम सब एक प्रण करें
उनके इन सपनो को हम साकार करें
धर्म भाषा संप्रदाय का ना हम भेद करें
और मिलकर देश का विकास करें ।।

किसानों की हर समस्या का निदान करें
आत्महत्या ना करनी पड़े उसे
ऐसा कुछ इंतजाम करें
शहीद होते है जो जांबाज़ देश की खातिर
उनके परिवारों का भी ख्याल करें ।।

जय हिन्द

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मैं एक कविता का विद्यार्थी हूं । सामान्य भाषा, जो आम लोगों को समझ आए,...
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