गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

गजल

गुल रहने दे,गुलाब रहने दे
नन्हे हाथों में किताब रहने दे
ये बच्चे कल बदलेंगे दुनिया
इनकी पलकों पे ख्वाब रहने दे
तुमसे मिलकर हाले दिल अच्छा हो गया
मौसमों को खराब रहने दे
किसी की यादों से दिल महक रहा है
साकी आज शराब रहने दे
हर और लुटेरे घूम रहे हैं
चेहरे पे हिजाब रहने दे

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अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है साहित्य l समाज के साथ साथ मन का भी दर्पण है l अपने विचार व्यक्त करने का प्रयास है l
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