23.7k Members 49.8k Posts

गजल

गजल
मोत आये तो मेरा हुजूर आयेगा|
मेरा मातम मनाने जरूर आयेगा|
++
अश्क छलकेंगे उसके मेरी याद में,
बाद मरने के मुझमें ये नूर आयेगा|
++
कब्र पे एक दिन मेरी मुझको यकीं,
सर झुकाने किसी का गुरूर आयेगा|
++
कौन थामेगा बहकूँगा जब मैं यहाँ,
जहर पीते ही मुझको सुरूर आयेगा|
++
कैदे गम से मैं आजाद हो जाऊँगा,
मेरे मरने का सबको फितूर आयेगा|
++
कोई मर जायेगा बेरुखी से मगर,
वक्त के सर पे इसका कुसूर आयेगा|
++
होता दुनियां में कोई किसी का नहीं,
खाक होके ‘मनुज’ ये शऊर आयेगा|

Like 3 Comment 0
Views 6

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
मनोज राठौर मनुज
मनोज राठौर मनुज
आगरा
11 Posts · 305 Views
प्रकाशित कृतियां-- गजल शतक (100 गजलों का संग्रह), सिलवटें (गजल गीत संग्रह), कई साझा संकलन,...