31.5k Members 51.9k Posts

गजल

बाँध लेता प्यार सबको देश से
द्वेष से तो जंग का आसार है

लांघ सीमा भंग करते शांति जो
नफरतों से वो जले अंगार है

होड़ ताकत को दिखाने की मची
इसलिये ही पास सब हथियार है

सोच तुझको जब खुदा ने क्यों गढ़ा
पास उसके खास ही औजार है

जिन्दगी तेरी महक ऐसे गयी
जो तराशी तू किसी किरदार ने

शाम होते लौट घर को आ चला
बस यहाँ पर साथ ही में सार है

हे मधुप बहला मुझे तू रोज यूँ
इस कली पर जो मुहब्बत हार है

1 Comment · 21 Views
डॉ मधु त्रिवेदी
डॉ मधु त्रिवेदी
463 Posts · 23k Views
डॉ मधु त्रिवेदी शान्ति निकेतन कालेज आफ बिजनेस मैनेजमेंट एण्ड कम्प्यूटर साइंस आगरा प्राचार्या, पोस्ट...
You may also like: