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गजल

Sangita Goel

Sangita Goel

कविता

September 27, 2016

जिंदगी की राह में बनके बेगाना चल दिए
लूट कर सुख चैन देखो कर दिवाना चल दिए

आपकी ही बात है अब आपसे ही कर रहे
सुन शिकायत लो हमारी जाने जाना चल दिए

मुफलिसी देखो हमारी जान लेती है यहाँ
हाल देखा तुम बदल करके ठिकाना चल दिए

रोशनी करने लगा है चाँद, जगमग आसंमा
मिट गए सारे अँधेरे बन फसाना चल दिए

गीत दुनिया आज भी देती रहेगी जख्म यूँ
क्या करे अब छोड़ दुनिया हम जमाना चल दिए।।।

संगीता गोयल
17/9/16

Author
Sangita Goel
मेरी विधा दोहे, कुंडलियाँ, कविता, छंद, हाइकु, गजले, शेर, शायरी,मुक्तक, लघुकथा, कहानी, two liners,, गीत, भक्ति गीत, इत्यादि।।। अपनी गजले गाना मुझे पंसद है। नोएडा,, काफी सारे कार्यक्रम में भाग ले चुकी हूँ।।।। साहित्य से जुड़ी हुई हूँ।।। Facebook पर... Read more
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