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ख्वाइशें

rekha rani

rekha rani

गज़ल/गीतिका

February 13, 2017

इसका उत्तर मेरे अंदाज़ मे
ख्वाहिशें अपनी सभी साथ पूरी कर ए दिल ,
क्या खबर तुझको कभी ऐसा मौका मिले न मिले।
अगला लम्हा कैसा गुज़रे कोई गुल खिले न खिले।
कब्र तो खोदी जा सकती है मगर दफनाने का मौका मिले न मिले।
दफनाने में भी रोढ़ा बन जाएंगी ये रस्में।
क्या खबर कब्र कि गंगा मिले।
बाद मरने के ये अपना जिस्म ही रह जायेगा।
रूह का तो ख्वाहिशों का ख़्वाब ही रह जायेगा।
कर गुज़र कुछ दिल तू ऐसा ख्वाहिशे ज़िंदा रहें ।
बाद रेखा मौत के भी ख्वाब हक़ीक़त मे ढ़लें।

Author
rekha rani
मैं रेखा रानी एक शिक्षिका हूँ। मै उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ1 मे अपने ब्लॉक में मंत्री भी हूँ। मेरे दो प्यारे फूल (बच्चे) ,एक बाग़वान् अर्थात मेरे पति जो प्रतिपल मेरे साथ रहते हैं। मेरा शौक कविताये ,भजन,लेखन ,गायन,... Read more
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