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“खौलता है खून”

Dr.Nidhi Srivastava

Dr.Nidhi Srivastava

कविता

February 12, 2018

वो सूनी आँख का श्वेत कतरा ,
देखूँ , तो खौलता है खून।
वो बचपन का खिलौना टूटा,
देखूँ तो खौलता है खून।
वो सूनी कलाइयों का ठिठकना,
देखूँ तो खौलता है खून।
वो बूढ़े बाप का झुका कांधा,
देखूँ तो खौलता है खून।
कि अब जाग जाओ देश कहीं,
पानी न बन जाये खौलता ये खून।
…निधि…

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Author
Dr.Nidhi Srivastava
"हूँ सरल ,किंतु सरल नहीं जान लेना मुझको, हूँ एक धारा-अविरल,किंतु रोक लेना मुझको"
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