Skip to content

खोजूं सत्य चरित्त

RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA

दोहे

August 7, 2017

हुआ सुदामा सा कभी,,कब किसका सत्कार!
कान्हा जैसा दूसरा,…..हुआ नही फिर यार!!

बना सुदामा मैं प्रभो,……खोजूं सत्य चरित्र !
कलियुग में भी श्याम सा, सीधा सच्चा मित्र !!

देख सुदामा मीत को , नजरे फेरें श्याम !
बदल गये इस दौर में ,यारी के आयाम !!
रमेश शर्मा.

Share this:
Author
RAMESH SHARMA
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा
Recommended for you