खेल चुके हो तो दिल वापस कर दो

आपने हमसे जो की है दरख्वास्त,
खेल चुके हो तो दिल वापस कर दो।

हमने तो है निभाई वफ़ा, हर सांस हर कदम,
जो हुई हो भूल तो हम पर आखिरी करम कर दो।

आपका लौट आएगा खोया हुआ यकीं हमपर,
बस एक बार पलटकर आँखों में हमारी एक नज़र भर दो।

अब बीच डगर ही छोड़ने की बात करने लगीं,
पहले तो कहती थीं कि साथ मेरा सफर भर दो।

अब तो दिखाई ही नहीं देता, कोई चेहरा ज़माने में तुम्हारे सिवा,
जबसे हमने तुमसे कहा, हमारे ज़हन पर अपनी नजरों का असर कर दो।

यूँ हाथ छुड़ाकर जाने की जिद छोड़ दो,
अपनी मुस्कान से हमारी साँसों में जीने का हुनर भर दो।

मैं भेज रहा हूँ प्रेम की लहरें तुम्हारी ओर, दिल की गहराइयों से,
भुलाकर शिकवे, उनमें डूबकर मेरे निर्मल प्रेम को अमर कर दो।

————-शैंकी भाटिया
अक्टूबर 27, 2016

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