गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

” ———————————– खूबसूरत जहां है ” !!

माँ ने कहा था , खूबसूरत जहां है !
बन्द हुई आँख , फिर कुछ न यहां है !!

बिगड़ी बनाने की , हमने की हिम्मत !
किस्मत हंस दी , वक़्त रुकता कहाँ है !!

फटी हुई चादर में , जब पैर पसारे !
सपनों ने पूछ लिया , नया कहाँ है !!

खुशबू के जंगल में , ज़िस्म खो गये !
लोगों की आँखों में , हया कहाँ है !!

रिश्तों की डोर यों , कमजोर हो चली !
खून है वही पर , अब जोश कहाँ है !!

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एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार ,…
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