31.5k Members 51.9k Posts

" खुश होकर - मौसम ने , रंग बिखेरे हैं " !!

तैरते सन्देश –
हवा में ,
पा ही गये !
मूक थे अनुबन्ध –
जुबां पे ,
आ ही गये !
सिलसिले –
समझोतों के ,
बहुतेरे हैं !!

प्यास अधरों पे –
जगी तो ,
बढ़ती गयी !
श्वास काबू में –
कहाँ है ,
थमती नहीं !
अनचाहे –
प्रश्नों के लगे ,
कई फेरे हैं !!

गात पुलकित –
मन उड़े ,
जैसे हवाओं में !
दिल की सारी –
बातें सुन ली ,
जैसे फिजाओं ने !
छा रहे –
आशा के बादल ,
हैं घनेरे !!

बृज व्यास

229 Views
भगवती प्रसाद व्यास
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
284 Posts · 33.4k Views
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता...
You may also like: