Skip to content

=== खुशी ===

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

लेख

November 15, 2017

खुशी एक ऐसा अनोखा एहसास है जो व्यक्ति की आंतरिक इच्छा से जुड़ा होता है।
यदि मन में उमंग है /ललक है/ जीने की चाह है /उत्साह है तो चारों ओर खुशी है/ प्रफुल्लता है/ महक है /चहक है /प्रकाश है/ प्रसन्नता है /उल्लास है।
अन्तर्मन की वाणी केवल हमें ही सुनाई देती है। यदि उसमें ठहराव है, स्थिरता है और शांति की अनुभूति है तो हम हर परिस्थिति का मुकाबला सहज ही और खुशी – खुशी कर लेते हैं। चाहे फिर वह पहाड़ की तरह भीषण विकराल गूढ़ समस्या ही क्यों न हो। अन्तःकरण की खुशी इस विकटतम पल को क्षणभर में हल्का फुल्का बना देती है।

यदि अंतस में खिन्नता है/ दिलो दिमाग में उथल-पुथल है/ मस्तिष्क में अस्थिरता है/
हृदय में बेचैनी है / भावार्थ यह है कि कुल मिलाकर खुशी हमसे कोसों दूर है। ऐसी स्थिति में बनता काम भी बिगड़ने के आसार नजर आने लगते हैं।
-खुशी वह टानिक है जो मन को हल्का कर देती है।
-खुश वह ताकत है जो तन को स्फूर्ति प्रदान करती है।
-खुशी वह हिम्मत है जो पर्वत को राई बना देती है।
-खुशी वह शक्ति है जो निर्बल को सबल बनाने का दम रखती है।
-खुशी वह नेमत है जो जितनी बांटी जाए कम है।
-खुशी वह आशीष है जो ईश्वर अपने सब प्यारे भक्तों को उपहार में देते हैं।

अब कौन इसका कितना सदुपयोग करता है यह व्यक्ति व्यक्ति पर निर्भर करता है।खुशी का सदुपयोग गुणकारी है तो इसकी महत्ता न समझ पाना हानिकारक।

जिन्दगी में जो भी आप के पास है /आपको हासिल है /आप की पंहुच में है/आपको मिल सकता है /मिलने वाला है उसमें खुश रहें, सदा मुस्कराएं, सकारात्मक सोच रखें। छोटी छोटी बातों में खुशियां तलाशें। उसे महसूस करें। औरो को भी महसूस कराएं। तो आइए खुशियाँ बाँटें खुशियाँ ही लुटाऐं। जितनी खुशियाँ आप दूसरों को देंगे ईश्वर उसकी सौगुनी खुशियाँ आपको बदले में देगा क्योंकि उस दाता का खजाना एक के बदले सौ का हिसाब करता है। उसका गणित बहुत तगड़ा है। सदा खुश रहिए यही शुभकामनाएं हैं।

-रंजना माथुर दिनांक 14/11/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
Recommended Posts
खुशी
???? खुशी आत्मा की उपज है। सबको मिलती नहीं सहज है। ? कोई एक गुलाब से भी खुश हो जाता है। कोई मँहगा तोफा पाकर... Read more
खुशी
वो खुशी देता है अपने मन की, मैं खुशी दूँगा उसे उसके मन की । खुश तो होता हूँ फिर डर जाता हूँ , खुशी... Read more
मुक्तक
इंतजार बस तेरा ख़याल तेरा इंतजार करते हैं खुशी तेरी चाहत में खुदी को बेक़रार करते हैं खुशी मेहनत करके तुझे पाना लुत्फ़ देता है... Read more
ईद की ख़ुशी
वो कहते हैं कि जब वो हमारे होली दिवाली पर ख़ुशी नहीं मनाते, तो तुम्हें क्या गर्ज कि ईद की ख़ुशी मनाने का नशा चढ़... Read more