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==खुशियाँ बांटता चल==

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

कविता

September 23, 2017

छोटी सी जिन्दगी है
बिता दे हंसने हंसाने में
बता क्या मिलेगा तुझे
किसी को रुलाने में।
पेट खुद का भरने से अधिक
सुख है औरों को खिलाने में।
दर्द भी दवा बन जाता है
दूजे का दर्द मिटाने में।
तेरी नैया वो पार करेगा
तू लगा दे पूरा मन
बेसहारों को सहारा दिलाने में।
देख फिर दाता की रहमत
खुशियों के हीरा मोती भर देगा
तेरे खजाने में।
यही कर्म हैं जो रखवाते हैं
तेरी नेकियों को
तेरे सत्कर्मों के खजाने में।

रंजना माथुर दिनांक 23/09/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

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Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
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