23.7k Members 49.9k Posts

खुशहाल सुबह

सुबह सुनहरी,
कितनी प्यारी,
सब उठे जाग,
महक रहे बाग,
हुई है हलचल,
सुंदर है हर पल,
फिर क्यों उदास ?
हो आराम के दास,
समान दिन और मास,
मुस्कुराहट को रखो पास,
जीवन है अनमोल,
सबसे रखो मेलजोल,
सुनाओ सबको मीठे बोल,
हँसो हँसाओ दिल खोल,
।।।जेपीएल।।।

Like Comment 0
Views 6

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
जगदीश लववंशी
जगदीश लववंशी
368 Posts · 12.8k Views
J P LOVEWANSHI, MA(HISTORY) ,MA (HINDI) & MSC (MATHS) , MA (POLITICAL SCIENCE) "कविता लिखना...