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!! खुद का दर्द ..कैसे बयान करें दोनों !!

अजीत कुमार तलवार

अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

कविता

February 23, 2017

नींद तो तुझ को भी नहीं आएगी
न ही अब मुझ को आएगी
बाते तन्हाई से होंगी अब
मुलाकाते होंगी जाकर आसमान में !!

क्याल आ आ कर दरवाजे से
चला जाएगा , उस को
न तो तुम बुलाओगे, और न
ही में उस से बाते करूंगा पहले जैसे !!

किसी बात का गुमान तो तुम को
भी बहुत है खुदगर्जी का
पर स्वाभिमान मैं भी बहुत
हूँ अपने गुमान के लिए जान लो !!

दर्द तो तुम भी छूपा लोगे
बेदर्द जमाने की नजरों में
पर दर्द तो मुझ को भी बहुत है
खुद को बस सताने के लिए !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Author
अजीत कुमार तलवार
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906
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