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खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे…

kapil Jain

kapil Jain

कविता

November 27, 2016

मुद्दतों के इंतज़ार का,मुझे कुछ तो खिताब दे.
खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे ।

त्योहारों का क्या करूं??
गमोखुशी तो मेरी तुझसे है,
ला आज मेरे हर दर्द हर आंसू का हिसाब दे.
खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे.

कागज पे अरमान बयां कर दिये मैंने,
इस मेहनत का मेरी,कुछ तो शबाब दे
खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे ।

**##@@कपिल जैन@@##**

Author
kapil Jain
नाम:कपिल जैन -भोपाल मध्य प्रदेश जन्म : 2 मई 1989 शिक्षा: B.B.A E-mail:-kapil46220@gmail.com
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