Nov 27, 2016 · कविता
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खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे…

मुद्दतों के इंतज़ार का,मुझे कुछ तो खिताब दे.
खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे ।

त्योहारों का क्या करूं??
गमोखुशी तो मेरी तुझसे है,
ला आज मेरे हर दर्द हर आंसू का हिसाब दे.
खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे.

कागज पे अरमान बयां कर दिये मैंने,
इस मेहनत का मेरी,कुछ तो शबाब दे
खामोश क्यूँ है तू,कुछ तो जवाब दे ।

**##@@कपिल जैन@@##**

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KAPIL JAIN
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नाम:कपिल जैन -भोपाल मध्य प्रदेश जन्म : 2 मई 1991 शिक्षा: B.B.A E-mail:-kapil46220@gmail.com View full profile
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