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खामोशी

GEETA BHATIA

GEETA BHATIA

कविता

February 12, 2018

संभाल के रखी है तेरी खामोशी हमने
जब उदास होता हूँ सुन लेता हूँ
बूँदों की टप टप कानों में गूँजती है
थोड़ा मौसम का मज़ा लेता हूँ

उधार ली थी तुमसे मुस्कुराहट हमने
चलो आज ये कर्ज भी चुका देता हूँ
कितना मासूम सा है दिल तेरा
इस दिल में हिसाब रखता हूँ

भूल जाना मेरी आदत नहीं
तुमको पाना मेरी चाहत नहीं
दूर से देखता हूँ तुमको
और साथ निभा देता हूँ
Written by me Geeta Bhatia

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Author
GEETA BHATIA
From: Delhi
बचपन देहरादून में बीता शुरू से लेखन से लगाव रहा कालेज पत्रिका में भी रचनाऐं प्रकाशित होती रही शादी के बाद काफी समय लेखन रुक सा गया बीते कुछ वर्षो में फिर से लिखना शुरु किया और दो पुस्तकें प्रकाशित... Read more
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