Jun 18, 2018 · कविता
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खमोशी है जिसका गहना

खमोशी है जिसका गहना
सदा शांत और सीधे चलना
वसुधा का हम सबसे कहना
वरबादी है नव कुछ करना ।
कहते कल्प सब फलों- फूलों
अवनि की बाँहो में नित झूलो
दान दया की राह न भूलो
प्रीत का मीत बन नभ छूलो ।
खमोशी है जिसका गहना
सदा शांत और सीधे चलना ,
जल कहता नित बढ़ते रहना
बाँधाएँ कदमो से दलना
दुखों -सुखों में एक सा सहना
पेड़ प्रेम प्राणों का गहना ।
खमोशी है जिसका गहना
सदा शांत और सीधे चलना,
प्रकृति के संग प्रीत निभाओ
नूतन संकल्प कदम उठाओ
कर संग्राम अंधकार मिटाओ
बनके दिनकर गगन सजाओ ।
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शेख जाफर खान

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