Skip to content

~~~कड़वा सच~ ~~

अजीत कुमार तलवार

अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

गज़ल/गीतिका

February 22, 2017

सही कहा है या गलत कह दिया
ये फ़ैसला अब खुद आपको करना है !!

कि नीम में कभी कीड़े नहीं पड़ते
अक्सर मिठाई में कीड़े पड़ते देखें हैं !!

बारात में बाराती आगे आगे चलते हैं
जनाजे में लोगों को पीछे चलते देखा है !!

गुजर चुके लोगों के लिए मोमबती जल्ती है
जिन्दा लोगों को मोमबतीयाँ बुझाते देखा है !!

मन्दिर, दरगाह के बाहर भिखारी भीख मांगता है
मैने अमीरोन को अंदर भीख माँगते देखा है !!

लोग शराब में पानी मिला के पिया करते हैं अक्सर
पर दूध बेचने वाले से पानी तो नहीं मिलाया पूछ्ते देखा है!!

शराब बिक जाती है एक जगह इन बारो में
और दूध बेचने वाले को घर घर जा के बेचते देखा है !!

लोगों के पास घर चलाने को पैसा नहीं मिल पाता
और मैने मैखाने और वैश्या के यहाँ पैसा लूटाते देखा है!!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Recommended
ये माना घिरी हर तरफ तीरगी है
ये माना घिरी हर तरफ तीरगी है मगर छन भी आती कहीं रोशनी है न करती लबों से वो शिकवा शिकायत मगर बात नज़रों से... Read more
आस!
चाँद को चांदनी की आस धरा को नभ की आस दिन को रात की आस अंधेरे को उजाले की आस पंछी को चलने की आस... Read more
आहिस्ता आहिस्ता!
वो कड़कती धूप, वो घना कोहरा, वो घनघोर बारिश, और आयी बसंत बहार जिंदगी के सारे ऋतू तेरे अहसासात को समेटे तुझे पहलुओं में लपेटे... Read more
क्यू नही!
रो कर मुश्कुराते क्यू नही रूठ कर मनाते क्यू नही अपनों को रिझाते क्यू नही प्यार से सँवरते क्यू नही देख कर शर्माते क्यू नही... Read more
Author
अजीत कुमार तलवार
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906