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क्यों हो खफा हम….

Dinesh Sharma

Dinesh Sharma

कविता

September 10, 2016

खफा है बहुत से
मुझ से,
पर हम खफा नही
किसी से,
क्यों हो खफा हम
किसी से,
किसी से हमने लिया
कुछ नही,
दे दिया जो था
सब कुछ,
जमाने को कर
दरकिनार
प्यार के विश्वास में,
दिया वापस मांगना गुनाह है तो
तो ये गुनाह ही सही
खफा ही सही,
अब चाह न कुछ भी
बस…मेरा विश्वास दे दो,
प्यार है तो विश्वास है
विश्वास है तो प्यार है,
बस….ये न टूट पाये
मुखोटा पहन चेहरे पर
प्यार का
विश्वास का
कोई लूट न पाये,
क्यों हो खफा हम
किसी से
किसी से हमने लिया
कुछ नही।।

^^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^^^

Author
Dinesh Sharma
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।
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