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क्यों होता है यह झगडा

Jaikrishan Uniyal

Jaikrishan Uniyal

कविता

February 13, 2018

झगडा ➖झगडा
है आज हर तरफ यह झगडा,
पर है किस कारण यह झगडा,
उधर देखो दो देषों में झगडा,
ईधर भी है दो राज्यों का झगडा,
कहीं पर है सीमाकंन का झगडा,
कहीं पर है पानी पर झगडा,
कही पर है गाँव मोहल्लों का झगडा,
तो कहीं पर है नदी नालों का झगडा,
है कहीं खेत खलियानों का झगडा,
तो है कहीं पर इमान धर्म का झगडा,
आज कल ,तो मन्दिर मस्जिद का झगडा,
है कहीं आस पडोस का झगडा,
तो कहीं कहीं भाई भाई में झगडा,
दिखने लगा अब बाप बेटे में झगडा,
और अब तो हुआ शुरु मां बेटी मे भी झगडा,
पति पत्नी में पल पल पर हो जाता झगडा,
सास बहु का तो काम ही झगडा,
सौत सौतन का तो नाम ही झगडा,
अब तो हर घर मे हो जाता है झगडा,
अमीर गरीब का तो पुश्तैनी झगडा,
ऊँच नीच में सम्मान का झगडा,
जात पात पर बे बात का झगडा,
जमीन जायदाद पर बात बात पर झगडा,
झगडे के हैं रुप अनेक,
लेकिन सबका कारण एक,
न पुरुशार्थ,न पर स्वार्थ,
झगडे का कारण है निज स्वार्थ।

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Author
Jaikrishan Uniyal
From: Saklana Tehri Garhwal
सामाजिक कार्यकर्ता,पुर्व ॻाम प्रधान
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