.
Skip to content

क्यूँ हम वीरों की शहादत भूल जाते हैं?

आनंद बिहारी

आनंद बिहारी

गज़ल/गीतिका

September 24, 2016

ग़ज़ल (23.09.2016)

हर बार उसकी नापाक, आदत भूल जाते है
क्यूँ हम अपने वीरों की,शहादत भूल जाते हैं?

घड़ी बस दो घड़ी कुर्बानियों को याद करते है
ज़िन्दा सैनिकों की, क्यों इबादत भूल जाते हैं?

अगर हम भूल जाएँगे करगिल फिर वो लाएँगे
वो आफ़त के पुड़िया,हम आफ़त भूल जाते है।

अक्सर भूल जाते है,क्यूँ कमजोर है याददास्त?
उनके साजिशों के,क्यूँ अदावत भूल जाते है??

कहीं मैंने नहीं देखा, कहीं क्या आपने देखा?
अपनी शान हाथी को, महावत भूल जाते है??

वो रोटी-दाल में परेशां, हम शौक़ में busy
हम में और भी जो है, महारत भूल जाते हैं।

©आनंद बिहारी, चंडीगढ़
https://m.facebook.com/anandbiharilive

Author
आनंद बिहारी
गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ... Read more
Recommended Posts
माँ को भूल जाते हैं
जमाना यूँ बदलता है वफा को भूल जाते हैं । सदा कमजोर इंशा ही जफा को भूल जाते हैं ।। कभी जो पांच बेटों को... Read more
गज़ल
हम तो सुध बुध ही भूल जाते हैं वो नजर से नजर कभी मिलाते हैं कौन उल्फत की बात करता है लोग मतलव से आते'... Read more
रंग  बहारों  के  उतर  क्यूँ जाते
रंग बहारों के उतर क्यूँ जाते ख़ुश्बू के तेरी असर क्यूँ जाते शाख-ए-मोहब्बत जो रहती हरी पत्तों की तरहा बिखर क्यूँ जाते गर होते आज... Read more
अपनें
अपनो को अपनो का सहारा चाहिए दो पल एक साथ गुजारा चाहिए.. अपने ही अपनो को समझ सकते हैं औरोम को समझने की मोहलत चाहिए..... Read more