Dec 25, 2018 · कविता
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क्या मैं तुम पर आज लिखूँ

लिख दूँ तुम्हारी चंचलता,
या सादा सा व्यवहार लिखूँ।
वो खामोशी का वर्णन कर दू,
या बातें अविराम लिखूँ।
कह दो मेरे प्रियतम मुझसे,
क्या मैं तुम पर आज लिखूँ।।1।।

वो रुठ जाना लिख दूँ तुम्हारा,
या असीमित प्यार लिखूँ।
शरारते कान्हा सी लिख दूँ,
या गालिब सा हाल लिखूँ।
कह दो मेरे प्रियतम मुझसे,
क्या मैं तुम पर आज लिखूँ।। 2।।

यादे सुहानी लिख दूँ तुम्हारी,
या हर पल अपने पास लिखूँ।
ख्वाबो में आना मैं लिख दूँ,
या दूरी का अहसास लिखूँ।
कह दो मेरे प्रियतम मुझसे,
क्या मैं तुम पर आज लिखूँ।। 3।।

ह्रदय की पीड़ा मैं लिख दूँ,
या दिल का आराम लिखूँ।
सुबह सुनहरी लिख दूँ मैं,
या तुम बिन बीती शाम लिखूँ।
कह दो मेरे प्रियतम मुझसे,
क्या मैं तुम पर आज लिखूँ।। 4।।

*पूजा की कलम से*✒
Poojakhare10001@gmai.com

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