Nov 6, 2016 · कविता

कौन यहाँ दूध का धुला है बता दो ।

ताउमर गर साथ चलो रास्ते मुश्किलात भरे
करो आज ही फैसला और मुझको बता दो ।

अपाहिज सी रेंगती है ज़िन्दगी बगैर तेरे
जरा तुम हाथ लगवाओ, चला दो ।

दिल मेरा पाक-साफ़ है ये मैंने कब कहा
पर कौन यहाँ दूध का धुला है बता दो ।

दिल जलाएगी ये यादें गर संभाला इनको
ये आखरी खत है मेरा,पढ़ के जला दो ।

खुद नहीं जानता,ये दूरियाँ दरमियां क्यों है
गर गवारा नही फासले, मिटा दो ।

कपिल जैन

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नाम:कपिल जैन -भोपाल मध्य प्रदेश जन्म : 2 मई 1991 शिक्षा: B.B.A E-mail:-kapil46220@gmail.com
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