Dec 20, 2020 · कविता
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कोरोना

विधा -मुक्तक एवं दोहा

सर पर चढ़ कर नाच रहा है, चीन का जादू-टोना।
पूरे जग में फैल रहा है,शुरू है रोना ढोना।
कुछ सावधानियां अपनाना, धैर्य से नाता रखना-
बनो सनातन शाकाहारी, होगा नहीं कोरोना।

विद्यमान है वायरस, व्याकुल विश्व विशाल|
विपदा व्यापक है विकट, विफल वैद्य बेहाल||१

कण कण को कर्कश किया, कोरोना का काल।
कठिन काल करुणा भरा, कहर किया कंकाल||२

भोजन खाना तुम सदा, धोकर अपना हाथ|
संयम, साहस,धैर्य से, देना सबका साथ||३

सुखद सनातन साधना, सेवन शकाहार|
सावधान घर में रहे, सर्व श्रेष्ठ उपचार||४

-लक्षमी सिंह
नई दिल्ली

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is... View full profile
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