कोरोना दोहा नवमी

कोरोना ने विश्व को, दिया अजब सन्देश
कुदरत का सम्मान हो, दिया ग़ज़ब आदेश //1.//
है कोरोना से दुखी, यह समस्त संसार
समय अभी है चेतिए, बदलो दुर्व्यवहार //2.//
कोरोना के नाम से, सब ही हैं भयक्रान्त
आज चिता में जल रहे, बड़े-बड़े विक्रान्त //3.//
कैसा अजब निमोनिया, मानव को निपटाय
कोरोना के ताप से, भूख विदा हो जाय //4.//
कोरोना की मार से, होकर सब मजबूर
बैठे हैं बेकार हम, कामगार मज़दूर //5.//
कोरोना ने कर दिया, मानव को बीमार
वीटो पॉवर देश भी, दिखते हैं लाचार //6.//
जग व्यापी व्यापार से, मची अनोखी होड़
मानव निर्मित वायरस, अर्थ व्यवस्था तोड़ //7.//
बड़े देश तबाह हुए, चीन राष्ट्र की खोट
कोरोना के रूप में, अर्थतन्त्र को चोट //8.//
स्वास्थ्य संगठन ने दिया, ड्रैगन को चिट क्लीन
टेड्रोस* खुदी हो गया, जग में क्वारंटीन //9.//
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*टेड्रोस — कोरोना काल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) प्रमुख

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नई दिल्ली

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