Mar 23, 2020 · कविता

कोरोना का ख़ौफ़

कोरोना का ख़ौफ़ है देखो,
फैला चारों ओर है देखो।
विश्व में इसका आतंक मचा है,
दुनिया का जनतंत्र हिला हैं।
दुर्गम नही हैं यह बीमारी,
सुरक्षा स्वयं की है ज़िम्मेदारी।
सतर्क रहो जागरूक रहो ,
कोरोना से भयमुक्त रहो।
लक्षण दिखे तुरंत करो उपचार ,
जो फैले ना यह किसी भी प्रकार।
नमस्कार ओर सलाम करो ,
हाथ मिलाना बंद करो ।
हाथों को तुम रखो साफ़ ,
जनसम्पर्क में जाना बंद करो।
जनता कर्फ़्यू हो गया पूरा,
ज़िम्मेदारी को ना छोड़े अधूरा।
स्वच्छ रहो भीड़ में ना जाओ ,
कोरोना पर जीत है पाओं ।

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M.sc( maths),b.ed
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