Dec 16, 2020 · कविता

कोरोना....

“ऐ कोरोना”… तेरा जीवन…कोई जीव के बगैर नहीं….
पर.. जब तक शरीर. मे ना आ जाये, तब तक तू गैर नहीं,
तूने जो छीना है हमसे, इसपर तो तेरी खैर नहीं….
जो सिखाया है पाठ तूने, इस बात पे तुझसे ज्यादा बैर नहीं !!

क्या -क्या मंज़र तूने दिखलाये….
कभी राह चलते बेघर लोग…
कभी भूख -प्यास से बिलखते लोग..
कभी डॉक्टर्स -नर्सेज की भाग दौड़…
कभी पुलिस का डंडा.. तो कभी सफाईकर्मी की झाड़ू…
सबकुछ नज़रो के सामने से…कुछ दिनों मे ही घुमा दिया तूने,
ऐ कोरोना…
नज़रिये का सारा सिस्टम ही…हिला दिया तूने…!!

सब कहते थे ये मुश्किल वक़्त जल्द ही गुजर जायेगा..
रब ही जाने, तेरे कारनामो का तोड़ किस देश से आएगा..!

जब दुनियाभर के सुपर-हीरोस ने दाँव पे लगायी जान,
लोगो को समझाइश दी, और कईयों कि बचाई जान..!

दुनियाभर मे भगदड़ देख, कई लोगो मे इंसानियत जागी,
आँखे खुली इंसानों की… अब तक थी जो लागी…!
लोगो को इंसानियत सीखलां के…
ऐ कोरोना… तूने किया है जो नाम…
वाक़ई…
ऐ दुश्मन तूने कर दिया… दोस्तों वाला काम…!!
❤ Love ❤
🌹Ravi💞

रवि कुमार मालवीय s/o श्री रामनाथ मालवीय
At. Post Sohagpur (Betul) MP (460004)
Mobile no. 9109854650

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