# कोरोना एक महामारी

साल 2020, अपने साथ लाया था मनहूसियत,
देखो, कितनी खराब थी, हमारी किस्मत,
कोरोना नाम की आई थी, एक महामारी,
प्रार्थना करो, किसी को ना हो, यह बीमारी,
सबको कर दिया था इसने, अपने – अपने घरों में बंद,
खत्म हो गए थे, जीवन से सारे रास और रंग,
हाँथों से चली गई थी नौकरी और छीन लिए थे पैसे,
क्या करें हम, जी कर ऐसे,
ना माल है, ना कोई धमाल,
अब आप ही बताओ, कैसे दिखाएँ हम अपना कमाल,
कई लोगों ने इस साल, अपने सगे – संबंधियों को है खोया,
वोह, अंत समय में, अपनों से भी ना मिल पाया,
यह साल , सबके लिए बनकर आया था काल,
अब तुम्हीं बचाओ हमको, इन विकट परिस्थितियों से महांकाल,
मास्क पहनना, बन गया है जीवन का महत्वपूर्ण अंग,
इस नियम को तुम, कभी न करना भंग,
रखो सोशल डिस्टनसिंग, करते रहो हैंड वाश,
कभी ना होगा आपका, इस महामारी से नाश।

– अंकित अग्रवाल
इंदौर (म.प्र.)

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