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कोई ख़ुशी मेरी देहलीज तक नही आती

kapil Jain

kapil Jain

शेर

January 31, 2017

अब कोई ख़ुशी मेरी देहलीज तक नही आती
बेमकसद चल रही हैं साँसे,क्यों थम नही जाती
ज़िन्दगी का हस्र तो पता ही नही
मौत माँगें हम तो मौत भी नही आती ।

**##@@कपिल जैन @@##**

Author
kapil Jain
नाम:कपिल जैन -भोपाल मध्य प्रदेश जन्म : 2 मई 1989 शिक्षा: B.B.A E-mail:-kapil46220@gmail.com
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