कोई लड़ता राम के लिए

कोई लड़ता राम के लिए, कोई तो रहमान के लिए ।
कौन लड़ा है जाति – धर्म का भेद छोड़, इंसान के लिए ?
जाति -धर्म के अहंकार में देश हमारा बँटा जा रहा,
कौन लड़ेगा, खण्डित होते, अपने हिंदुस्तान के लिए ?
~ सुरेश कुमार ‘सौरभ’

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