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कोई नाराज नहीं चाहिये

डी. के. निवातिया

डी. के. निवातिया

मुक्तक

April 29, 2017

कोई नाराज नहीं चाहिये

कितने अमन पसंद लोग है यहाँ किसी को कोई आवाज नही चाहिये।
रसूख तो खुदा के फरिश्ते जैसा हो पर रोजा -ऐ- नमाज नही चाहिये।
कहिं साख कम न हो जाये बिरादरी में हुजुर -ऐ -आला की इसलिए ।
हकीकत से वाकिफ़ होकर भी चुप है क्योकि कोई नाराज नहीं चाहिये।।



।। डी के निवातिया ।।

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Author
डी. के. निवातिया
नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का... Read more
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