.
Skip to content

कोई तो आज पूछो आकर ये मालियों से

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

August 11, 2016

कोई तो आज पूछो आकर ये मालियों से
कैसे बचायें उपवन अपना वो आँधियों से

मजबूत इसलिए ये रेशम की डोरियाँ हैं
इनका अटूट बंधन रहता है राखियों से

डर कर न मुश्किलों से यूँ हार मानना तुम
लेना सबक जरा तो इन नन्हीं चीटियों से

चढ़ सा नशा गया यूँ इन काफियों का हम पर
लेकर रदीफ़ दिल में फिरते हैं प्रेमियों से

ये सूर्य चाँद तारे भी खेलते गगन में
छिपने कभी निकलने का खेल बादलों से

मासूम बच्चियों को क्यों मारते हो बोलो
जीवन है ‘अर्चना’ जब हर घर में बेटियों से
डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
Recommended Posts
जो सच पूछो तो जीने को फ़क़त इतनी जरुरत है !**************
जो सच पूछो तो जीने को फ़क़त इतनी जरुरत है !************** रहने को छत, दो जून की रोटी,तन ढकने को हो कपड़ा हर इंसां को... Read more
यूं ही
एक नजर......आज यूँ ही पर.................आपकी नजर न दे तू इल्जाम हवाओं को यूँ ही रोक कुछ देर फिजाओं को यूँ ही ************************** मैने ये कब... Read more
? ग़ज़ल-१ ?
एक खयाल ...... _______________________ कौन गया यूँ आकर मुझमें; इत्र निरा फैलाकर मुझमें..!! _______________________ रस्ता भूल न जाये कोई ; रख दो दीप जलाकर मुझमें..!!... Read more
तारीख़
अखबारों से मत पूछो कि आज तारीख क्या हैं...उन्हें तो हर रोज बदलना हैं! बीहड़ के बाग़ी से मत पूछो कि मक़सद क्या हैं...उन्हें तो... Read more