.
Skip to content

कोई जादू लगे है ख़यालात भी

हिमकर श्याम

हिमकर श्याम

गज़ल/गीतिका

July 13, 2016

खूब होती शरारत मेरे साथ भी
सब्र को अब मिले कोई सौगात भी

रंजिशे और नफरत भुला कर सभी
हो कभी दिल से दिल की मुलाक़ात भी

है बला की कशिश और लज़्ज़त जुदा
कोई जादू लगे है ख़यालात भी

फ़ासले अब मिटें, बंदिशें सब हटें
प्यार की छांव में बीते दिन-रात भी

है लबों पे दुआ गर सुनो तुम सदा
हो अयाँ आंखों से दिल के जज़्बात भी

चाहतों से महकता रहे सहने दिल
हम पे रहमत करे अब ये बरसात भी

दूर रख इन ग़मों को चलो कुछ हँसे
वक़्त के साथ बदलेंगे हालात भी

अयाँ: जाहिर, सहन: आँगन

© हिमकर श्याम

Author
हिमकर श्याम
स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और ब्लॉगर http://himkarshyam.blogspot.in https://doosariaawaz.wordpress.com/
Recommended Posts
ख़यालों में उनके उलझने लगे हैं
नज़र ये मिली है उनसे ही जबसे हसरतें तो दिल के सँवरने लगे हैं। दिल में मेरे तो अब उमंगें जगी हैं साज तो दिल... Read more
पहले ही पन्ने अब................ “मनोज कुमार”
खबर आयी है क आने लगे आने लगे हैं अब नयन से वो ही अब दिल में उतर आने लगे हैं अब खबर छप ही... Read more
गीत :- दिल मेरा इक कच्चा शीशा
4.2.17 * गीत * 9. 00 ************ दिल मेरा है इक कच्चा शीशा दिल में रहता है दिलबर मेरा **** टूट गया गर् शीशा- दिल... Read more
ग़ज़ल (  दिल की बातें)
ग़ज़ल ( दिल की बातें) जिनका प्यार पाने में हमको ज़माने लगे बह अब नजरें मिला के मुस्कराने लगे राज दिल का कभी जो छिपाते... Read more