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कोई गैर

RASHMI SHUKLA

RASHMI SHUKLA

शेर

March 2, 2017

बेशक वो गैर हैं हमारे लिए,
मगर अपनों ने भी कहाँ सहारा दिया है,
जब भी लड़खड़ाए कदम मेरे जिंदगी के सफर में,
उसी गैर ने ही हाथो में हाथ दिया है,

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RASHMI SHUKLA
mera majhab ek hai insan hu mai
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