कोई इश्क़ असर नहीं करता!!

तुम्हारी यादों के साथ ही मैं अपना सफ़र नहीं करता
ज़िन्द़ा हूँ या फिर मर गया यह भी ख़बर नहीं करता

जिसने भी कहा है सब ग़लत बात है,
क्या मैं तेरे सामने तेरी तरफ नज़र नहीं करता

तुम मिलोगे या न मिलोगे वो अलग बात है,
तुम्हारी तस्वीर से ही मैं अपनी गुज़र नहीं करता

जिसने भी कहा है ये सच ही कहा है,
दिल को तोड़ने में कोई कसर नहीं करता

जहां भी रहते हो ज़रा सोचकर बताओ,
सच में वहां भी कोई इश्क़ असर नहीं करता!!

Like Comment 0
Views 3

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing