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कैसे जगे सामर्थ्यता !

Dr. Mahender Singh

Dr. Mahender Singh

लेख

November 9, 2017

नफरत है हर मन में,
हर तन बेचैन है,
गर खोज नहीं पाए हम,
इस बेचैनी की वजह,
बंद नहीं होने वाले आपसी कलह,

कौन है जिम्मेदार ?
कैसे मिटे आपसी कलह !
*हूनर खोजने होंगे,
दबाव हटाने होंगे,

यांत्रिक प्रवृति रोकनी होगी,
अन्ध-अनुकरण रोकना होगा,
जो है उसे स्वीकार करना होगा,

फिर जो है वो है,
नहीं है वो नहीं है,
निजता पैदा होगी,
निजात मिलेगी !

डॉ महेन्द्र सिंह खालेटिया,
रेवाड़ी(हरियाणा).
लेख:-कैसे जगे सामर्थता !

Author
Dr. Mahender Singh
(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !
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