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कृष्ण मैं भी नहीं, राधा तुम भी नहीं..

Neeraj Chauhan

Neeraj Chauhan

मुक्तक

November 5, 2016

कृष्ण मैं भी नहीं, राधा तुम भी नहीं,

प्रेम फिर भी इबादत से, कम भी नहीं

हाथ मेरा पकड़कर, जो तू थाम ले,

फिर ज़माने से भी मुझको, कुछ गम नहीं..

– नीरज चौहान

Author
Neeraj Chauhan
कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।
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