Skip to content

कृषक

निहारिका सिंह

निहारिका सिंह

कविता

June 22, 2017

गरीबों को मोहताज अन्न के दाने हो रहे
घर में चूहे जले ज़माने हो रहे ..
बूढ़ी मां पानी पी-पीकर सोती है
छुटकी बिटिया भूख में
बिलख-बिलख कर रोती है
देखो ठेकेदारों के बड़े मयखाने हो रहेे ..
गरीबों को मोहताज़ अन्न के दाने हो रहे …

घर की लक्ष्मी बाट जोहते बैठी रहती है
अभी सजेगा हाँथ निवाला
बच्चों को कहती रहती है
नहीं नई तस्वीर है ये
दर्द अब पुराने हो रहे
गरीबों को मोहताज अन्न के दाने हो रहे ….

बड़का छुटकी को समझाता
जब हाथ निवाला आएगा
बटा निवाला वो बचा बचाकर खाएगा
इतने दिन की रुकी हुई-सी
वह अपनी प्यास बुझाएगा
नहीं मजबूरियां ये नई, सबब पुराने हो रहे ..
गरीबों को मोहताज अन्न के दाने हो रहे ….

थका हारा वह किसान जब
वापस घर को आता है
बाट जोहते घर वालों का
तांता-सा लग जाता है
आंखों में आशाओं के
दीप ज्वलित हो उठते हैं
उन पखले पेटों में
भूख के अंगारे धधकने लगते हैं
रो पड़ती हैं दसों दिशाएं
जब वह क्षण फिर आ जाता है
वह किसान जब अपनों को
खाली हाथ दिखाता है
वहीं ठहर जाती है धरती
आह सिसकने लगती है
आशाओं की वें पलकें
झर झर बहने लगती हैं
नहीं नये है यह जख्म , अब पुराने हो रहे ..
गरीबों को मोहताज अन के दाने हो रहे …

छुपा अंधेरे में खुद को माँ अपने
आंचल से मुंह ढक रो लेती है
टूट चुकी हर आशाओं से
अपना आपा खो देती है
कब तक हे जगदीश्वर !
ऐसा दिन दिखलाएगा
एक वक्त का भोजन हो
भाग्य में ऐसा दिन कब लाएगा
दिलासाओं से अपने बच्चों का
विश्वास भी खो बैठी हूं
जो आस उन्हें दिखलाती थी मैं
आस वही खो बैठी हूं
क्या “अन्नदाता ” हमको ऐसे ही
तड़प-तड़प मरना होगा
क्या ऐसे ही अन्यायों को
हमको सहना होगा
बदलाव की बात तो बात है
वह वादे अब पुराने हो रहे
गरीबों को मोहताज अन्न के दाने हो रहे ….
निहारिका सिंह

Share this:
Author
निहारिका सिंह
स्नातक -लखनऊ विश्वविद्यालय(हिन्दी,समाजशास्त्र,अंग्रेजी )बी.के.टी., लखनऊ ,226202।

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you