.
Skip to content

कृपान घनाक्षरी

guru saxena

guru saxena

घनाक्षरी

July 27, 2017

कृपान घनाक्षरी
बैरी आज सीना तान करे जंग का ऐलान,
ओ सपूतो सावधान,आन-बान जा न पाय।
माता भारती का मान,वीरो राखो देके प्रान,
ललकारो प्रण ठान,शत्रु बच के न जाए।
छत्रसाल के समान,चले झूमके कृपान
वैसा धारो स्वाभिमान,काल देख के डराय।
रिपु का मिटे गुमान,नभ गूंजे राष्ट्रगान,
अरिदल के निशान,पै तिरंगा फहराय।।

Author
guru saxena
Recommended Posts
परमब्रह्म हैं जो परमपुरुष जिनसे ( घनाक्षरी)
परमब्रह्म हैं जो परमपुरुष जिनसे- विष्णु भी पाते ऐश्वर्य करते निवास हैं । उन योगेश्वर कृष्ण को करते प्रणाम , रखते श्रद्धा भी हम ,करते... Read more
घनाक्षरी- नारियों का नर सम मान होना चाहिए
घनाक्षरी- नारियों का नर सम मान होना चाहिए ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ नारियों का अपमान क्लेश की वजह एक, इसका तो सबको ही ज्ञान होना चाहिए। कष्ट देते... Read more
मनहरण घनाक्षरी
नववर्ष मनहरण घनाक्षरी -नववर्ष ००० रोज-रोज नया वर्ष, रोज ही मनाएँ हर्ष, पा जाएं हम उत्कर्ष, उच्च ए आदर्श है। जिन्दगी का हो विकास, दिल... Read more
राजयोगमहागीता: वासुदेव,केशवकीमाधवकीमोहिनीसी:: जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट५३) घनाक्षरी
प्रभु प्रणाम: घनाक्षरी - २ ---------------------------- वासुदेव, केशव की, माधव की मोहिनी - सी , मोहती जो मोहन की छवि अति प्यारी है । अजर,... Read more