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कुर्सियाँ अपनी लेकर किधर जाएंगे

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

September 8, 2017

कुर्सियाँ अपनी लेकर किधर जाएंगे
ये तो नेता हैं खुद ही उतर जायेंगे

देखना वोट पाने को नेता यहां
अब दिलों में जहर कितना भर जाएंगे

बात घर की सड़क पर ले आये हो जब
सब तमाशा ही अब देखकर जाएंगे

देश पर आंच आने न देंगे कभी
जान हम अपनी कुर्बान कर जाएंगे

रेशमी डोर में रिश्तों के मोती हैं
खींचने से ये मोती बिखर जायेंगे

रुष्ट हो जाएगी अपनी कुदरत बहुत
काटे धरती के जब भी शजर जाएंगे

नफरतों के सिवा कुछ मिला ही नहीं
प्यार पाया तो हम भी सँवर जायेगे

आप ही आप आएंगे हमको नज़र
‘अर्चना’ देखिये हम जिधर जाएंगे

डॉ अर्चना गुप्ता
08-09-2017

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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