कुर्ता भले सफेद...जोगीरा सा रा रा रा

कुर्ता भले सफेद…जोगीरा सा रा रा रा
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नेता नोटों की गड्डी से
खेल रहे हैं खेल
जीवन अपना फीका फीका
मिले नमक ना तेल-
जोगीरा सा रा रा रा

अक्सर क्यों पा जाते कुर्सी
दिल के काले चोर
भोली-भाली जनता रोती
होकर भावविभोर-
जोगीरा सा रा रा रा

अव्वल दर्जे का है झूठा
कुर्ता भले सफेद
उसकी बातों में मत आना
जिसमें लाखों छेद-
जोगीरा सा रा रा रा

मर्यादा को देखो भाई
ये खूंटी पर टांग
देश चलाते नेता जैसे
पी पी करके भांग-
जोगीरा सा रा रा रा

हरी-भरी साड़ी में साली
लड़ने चली चुनाव
नेताओं की भाषा बोले
दिल को देती घाव-
जोगीरा सा रा रा रा

खा खा कर के रिश्वत देखो
अधिकारी हैं लाल
पीला पीला मुखड़ा अपना
पिचके-पिचके गाल-
जोगीरा सा रा रा रा

कैसे खेलें महँगाई में
भाई रंग-अबीर
कैसे खाएं हलुआ पेठा
पूआ पूड़ी खीर-
जोगीरा सा रा रा रा

– आकाश महेशपुरी

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