Feb 28, 2017 · कुण्डलिया
Reading time: 1 minute

कुन्डलियां :– माँ

कुन्डलियां :– माँ

माँ में ममता , वात्स्यना ,
मोह , मृदुल , मुस्कान ।

इक पावन स्पर्श ही ,
महकाए गुलदान ।

महकाए गुलदान ,
खिले फल मीठे सुन्दर।

एक मनोहर गंध ,
मिलेगी उसके ऊपर ।।

कहे “अनुज” अनमोल ,
नहीँ है कोई समता ।

जगजाहिर है प्यार ,
बड़ी निश्छल है ममता ॥

रचनाकार :– अनुज तिवारी “इंदवार ”

नोट :–
*वात्स्यना* शब्द कहीँ भी किसी भी शब्दकोष में नहीँ मिलेगा !
इसका उपयोग मैंने अपनी इस रचना के अनुरूप किया है , जिसका अर्थ (वात्स्यना :- माँ का वात्सल्य प्रेम )है ।

1 Comment · 158 Views
Anuj Tiwari
Anuj Tiwari
118 Posts · 53.5k Views
Follow 9 Followers
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल ,... View full profile
You may also like: