कुछ है तुममे

मत सोचो कोई है ऐसा
मत सोचो कोई है कैसा

जो राह तुम को मिलती जाए
चलते ही जाओ उस पर तुम वैसा

क्यों सोचते हो सारी कमियां छुपी सिर्फ तुममे ही
अरे तुममे तो कुछ ऐसा है जिसकी तुम्हें अभी तक खबर ही नहीं

खुद को ना समझो तुम अलग
तुम भी सभी के जैसे हो

जब खुद पर यकीन कर आगे कदम बढ़ाओगे
सच कहती हूं उस दिन सारी दुनिया कदमों में पाओगे

आदमी तो है वही जो परिस्थितियों को बनाए
खुशी में खुश तो हो ही दुख में भी हंसना चाहे

सोचो भयावह तूफान आने पर कितना इठलाता है
वह सोचता है क्या हो तुम उस जैसी शक्ति किसी में नहीं

उस तूफान का भी रुख बदल दे आज वह हिम्मत तुममें है….

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