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कुछ शेर

Onika Setia

Onika Setia

शेर

November 3, 2017

१, हम बदनसीब तो तन्हाई में जीते हैं,
महफ़िल में तो हमारा दम घुटता है.

२, यह तेरी बेरुखी ,यह तेरा मिजाज़ कैसा है,
आज क्यों तू मुझसे खफा -खफा सा है.

३, खुद पर सितम ढाने का फन हम रखते हैं,
शायद तभी दिल टूटने पर मुस्कुरा दिया करते हैं.

४, चोट खाने की आदत पड़ चुकी हैं हमें ,
अब कदम-कदम पर दर्द का एहसास क्या करना.

Author
Onika Setia
नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु' आयु -- ४७ वर्ष , शिक्षा -- स्नातकोत्तर। विधा -- ग़ज़ल, कविता , लेख , शेर ,मुक्तक, लघु-कथा , कहानी इत्यादि . संप्रति- फेसबुक , लिंक्ड-इन , दैनिक जागरण का जागरण -जंक्शन ब्लॉग, स्वयं... Read more
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