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कुछ शेर

Dr. Mahender Singh

Dr. Mahender Singh

शेर

November 7, 2017

*जो अपने हकों की रक्षा करना सिख लेते है, उनका कभी …पतन नहीं होता,
उन्हें कोई गुलाम नहीं बना सकता,
.
कुछ लोग कमाते इसलिये है ताकि,
दूसरों के घरों का चूल्हा जल सके,
और खुद को ..इज्जत मिल सके,
.
लोगों को श्रृद्धा से पत्थर के ईश पर
झुकते देखा है,
और जिंदा आदमी प्रेम प्यार ममता भूख से मरते देखे है,
पत्थर मे नहीं जिंदा इंसान के दिल में जिंदा बसती है,
उसको तड़फ तड़फ कर दम तोड़ते देखा है,
.
बात वही पुरानी है,
कुछ हद तक ,
नए अंदाज़ रख प्रस्तुति होती है,
लोग कहते है, वाह ! क्या बात है,
खा गए धोखा पहले भूले थे,
आज इज्जत उसी की है,

डॉ महेन्द्र सिंह खालेटिया,
रेवाड़ी(हरियाणा).

Author
Dr. Mahender Singh
(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !
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