Jun 18, 2016 · कविता
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कुछ मुक्तक

औक़ात में ज़्यादा,मगर क़ीमत में जो
सस्ता होगा
दिल में जाने का भी,आसान सा
रस्ता होगा
मुहब्बत देगा,बांटेगा,लुटाएगा यूँ
भर-भर के
वो जिसके क़ल्ब का,एहसास से
रिश्ता होगा।जलज??

जब लगा,जैसा लगा,सब लिख दिया
जो ना कह पाया था कल,अब लिख दिया

आपकी मर्ज़ी,जिसे सजदा करें अब
मैंने हरइक लफ़्ज़ पे,रब लिख दिया।
जलज???

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Jay prakash Jalaj
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Perform in various mushayra and kavi sammelan all over the world.rnWorking for child care........ View full profile
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