कुछ दिल से... शेर

१, इस शहर में अपना कोई नहीं,
दिल अगर टूटे तो किसे पुकारें .
चेहरों पर चेहरे हैं सभी के ,
दर्द भरी नज़रों से किस और निहारें.

२, मतलब के यार ही मिलेंगे ,
तेरी दुनिया में ऐ खुदा !
सहारा तो बस एक तू ही है ,
और तू ही है मेरा नाखुदा.

३, अब आ ही गए जब जहाँ में ,
को किसी तरह से जी ही लेंगे ,
मकसद पूरा हो न हो जिंदगी का ,
तकदीर का सितम भी सह लेंगे .

४, दिल गर पत्थर होता ,
तो क्या ही अच्छा होता .
ना रोता ,ना आहें न भरता ,
और ना ही किसी से शिकवा करता .

५, करते ही रहे दिल से हम सौदा प्यार का,
अब वफ़ा करे या बेवफाई ,यह उसकी मर्ज़ी.

६, ऐ संगदिल ! तूने सिर्फ हमारे आंसू देखे हैं,
हमारे दिल के गुबार नहीं देखे .
किसी दिन यह गर बाहर निकले ,
तो कसम से ! कयामत आ जाएगी.

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नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु' आयु -- ४७ वर्ष , शिक्षा -- स्नातकोत्तर। विधा...
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