Jan 8, 2021 · कविता
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कुछ दिन की है बात ,सभी जन घर में रह लो।

कुछ दिन की है बात सभी जन घर में रह लो।
तू-तू मैं-मैं त्याग राष्ट्र-हित में यह सह लो।

कोरोना की हार हेतु सबको लड़ना है।
जीवनहित-सद्ज्ञान पकड़ कर के बढ़ना है।
सफल राष्ट्र-सेवा के फन को कुछ तो गह लो।
कुछ दिन की है बात सभी जन घर में रह लो।

मास्क पहनिए,साबुन से निज हाथ धोइए।
घर के बाहर नहीं किसी के पास सोइए।
दो गज की दूरी रखने का शुभ दुख सह लो।
कुछ दिन की है बात सभी जन घर में रह लो।

राष्ट्र-धरम से बड़ा न कोई धरम मिला है।
स्वस्थ-निरोगी जन हों ऊँचा करम मिला है।
जागो,संयम को गहकर के मन की तह लो।
कुछ दिन की है बात सभी जन घर में रह लो।

पं बृजेश कुमार नायक
डी-75 “सनफ्रान अशोक सिटी” झांसी,पिन-284128
(कानपुर-ग्वालियर बाय पास )
एवं
सुभाष नगर कोंच ,जिला-जालौन, उ प्र,पिन-285205 (केदारनाथ स्कूल के पास),मोबा.-9956928367

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Pt. Brajesh Kumar Nayak
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