31.5k Members 51.8k Posts

कुछ ख़्याल बस यूँ ही।

Apr 27, 2020 12:15 AM

अरसे बाद कुछ ख्यालों को,
पन्ने पर रखने बैठा हूं,

ऐ कलम मेरा हाथ बँटा ,
आज फिर मैं लिखने बैठा हूं,

तेरी हर आज़माइश के,
स्वाद को चखने बैठा हूं ,

ऐ वक़्त तू कीमत तो बता,
बेमोल मैं बिकने बैठा हूं।

कवि-अंबर श्रीवास्तव।

3 Likes · 1 Comment · 53 Views
Amber Srivastava
Amber Srivastava
Bareilly,(UP)
95 Posts · 8.3k Views
लहजा कितना ही साफ हो लेकिन, बदलहज़ी न दिखने पाए, अल्फ़ाज़ों के दौर चलते रहें,...
You may also like: